अच्छी है सुशांत सिंह राजपूत- श्रद्धा कपूर की छिछोरे, देती है बड़ा मैसेज
फिल्म की कहानी की बात करें तो यह अनिरुद्ध (सुशांत सिंह राजपूत) और माया (श्रद्धा कपूर) की जिंदगी पर आधारित है। जो दोनों शादी करते हैं लेकिन बाद में उनका तलाक हो जाता है, दोनों उस समय अजीब स्थिति में फंस जाते हैं जब उनका टीनएज (teenage) बेटा राघव सुसाइड करने की कोशिश करता है। डॉक्टर बताते हैं कि उसकी शारीरिक और मानसिक हालत गंभीर है।
इसके बाद फिल्म कॉलेज लाइफ की तरफ जाती है जिसमें मस्ती और एनर्जी नजर आती है। फिल्म में ऐसे कई सीन हैं जो बहुत फनी हैं लेकिन एडल्ट जोक के लिए तैयार रहें। फ्लैशबैक में जाने के बाद फिल्म काफी मजेदार हो जाती है जिसमें रोमांस, कॉमेडी से लेकर हॉस्टल लाइफ की मस्ती तक देखने को मिलती है। इसके बाद जब फिल्म आज के दिन पर लौटती है तो वहां वहीं पुराने दोस्त साथ खड़े नजर आते हैं, जो इतने लंबे समय और दूरी के बाद भी साथ हैं।
फिल्म करीब 2.30 घंटे लंबी है। इसके कुछ सीन्स को देखकर दर्शकों को फिल्म थ्री इडियट्स की याद आएगी। फिल्म में श्रद्धा ने यंग और उम्रदराज माया का रोल बेहतरीन तरीके से निभाया है। वहीं यंग अनिरुद्ध (अन्नी) के रोल में सुशांत जम गए हालांकि उम्रदराज अनिरुद्ध के किरदार में वो थोड़े अनकंफर्टेबल नजर आए लेकिन उनका काम अच्छा है। वहीं वरुण शर्मा अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने में कामयाब होते हैं। वहीं फिल्म के बाकी एक्टर्स ने भी अपने रोल को बेहतर तरीके से निभाया। एकेडमिक सफलता और विफलता पर आधारित इस फिल्म से युवा और माता- पिता खुद को जोड़ पाएंगे। फिल्म का डायरेक्शन और डायलॉग्स बहुत अच्छे हैं।