'सीरियल किसर' की छवि से ऊब चुके इमरान हाशमी
फ़िल्म अज़हर के प्रदर्शित के दौरान मुहम्मद अज़हरूद्दीन पूर्व भारतीय क्रिकेटर को अपना आदर्श बताने वाले इमरान हाशमी के सुर इन दिनों बदले नज़र आ रहे हैं| 'अज़हर' की नाकामयाबी को लेकर इमरान का कहना है, "बालाजी ने विवादित क्रिकेट कप्तान रह चुके मोहम्मद अज़रुद्दीन पर 'अज़हर' फ़िल्म बनाई| पर दर्शकों ने इस फ़िल्म को नकार दिया| लगता है कोर्ट से निर्दोष साबित होने के बावजूद लोगों ने अज़हर को अब तक माफ़ नहीं किया है| शायद उन्हें अज़हर पर फ़िल्म नहीं बनानी चाहिए थी|"
अपनी आने वाली फ़िल्म 'राज़ रिबूट' के लिए एक इंटरव्यू में बात करते हुए इमरान कहते हैं, "हर अभिनेता के लिए फ्लॉप फ़िल्मों का सामना करना मुश्किल होता है| इसलिए अब मैं ऐसी कोई फ़िल्म नहीं करूंगा जिसकी कहानी से मैं पूरी तरह से संतुष्ट ना हो जाउं| फिर भले ही मुझे बिना काम घर पर बैठना पड़े|" इमरान के अनुसार, "फ़िल्में कहानी से चलती हैं, स्टार से नहीं| अगर फ़िल्म की कहानी में दम ना हो तो बड़े से बड़ा स्टार भी फ़िल्मों की सफलता की गारंटी नहीं दे सकता|"
इमरान हाशमी मानते हैं, "बॉलीवुड में स्टार का दबदबा है, पर स्टार भी बेकार हो सकते हैं, अगर फ़िल्म की कहानी कमज़ोर हो और अगर फ़िल्म अच्छी ना हो तो जनता माफ़ नहीं करती|" इमरान हाशमी की 'अज़हर' सहित 'घनचक्कर', 'मिस्टर एक्स', 'राजा नटवरलाल', 'उंगली', 'हमारी अधूरी कहानी' जैसी फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ नहीं कर पाई और नाकामयाब रही हैं| इमरान का मानना है कि, "उनकी अगली फ़िल्म 'राज रीबूट' इस सिलसिले को ज़रूर तोड़ेगी|
क्योंकि दर्शकों को अच्छी कहानी वाली फ़िल्में चाहिए| पिछली फ़्लॉप से कोई ख़ास फ़र्क नहीं पड़ा| फ्लॉप फ़िल्में होने के बावजूद लोगों ने मेरे काम की सरहाना की है|" फ़िल्मों में 'सीरियल किसर' की इमेज से प्रसिद्ध इमरान हाशमी इस टाइटल से ऊब चुके है और कुछ नया और अच्छा करना चाहते है|