मध्य प्रदेश में करीब 6 बीजेपी विधायक थाम सकते हैं कांग्रेस का हाथ, सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर
उधर, दो विधायकों द्वारा कमलनाथ सरकार के पक्ष में वोटिंग के बाद भारतीय जनता पार्टी के अंदर हड़कंप मचा हुआ है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह पार्टी कार्यालय पहुंचे हैं। हालांकि राकेश सिंह ने पार्टी में सब कुछ ठीक होने का दावा किया है। वहीं बीजेपी नेता और लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के सक्रिय होने की खबर आई है। बताया जा रहा है कि सुमित्रा महाजन भोपाल में कुछ नेताओं से मुलाकात कर सकती हैं। फिलहाल आरएसएस कार्यालय में मौजूद हैं और आरएसएस के नेताओं से मुलाकात कर रही हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा में हुए घटनाक्रम से एक बात स्पष्ट हो गई है कि राज्य में बीजेपी की तुलना में कांग्रेस कहीं ज्यादा सतर्क और सजग है। सीएम कमलनाथ लगातार विधायकों के संपर्क में हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि जहां तक विधेयक का समर्थन करने वाले दोनों विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल की बात है, कमलनाथ उनसे काफी समय से संपर्क में थे, बस मौके की तलाश थी, जो अब मिल गया।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के 230 विधायकों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पास 114 विधायक है, उसे बहुमत के आंकड़े के लिए 2 और विधायकों की जरूरत है। फिलहाल कांग्रेस को राज्य में 4 निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा के विधायक का समर्थन हासिल है। इस तरह से कांग्रेस सरकार को 121 विधायकों का समर्थन हासिल है, जो बहुमत से कहीं अधिक है। जबकि बीजेपी के पास 108 विधायक हैं, इस तरह उसे अभी 7 विधायकों की दरकार है।