झारखंड में BJP सरकार गिरते ही RIMS में लगा लालू प्रसाद यादव का दरबार, कई नेता पहुंचे

Kumar Gourav

RJD चीफ लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले के केस में सजा काट रहे हैं। तबीयत खराब होने के चलते उन्हें झारखंड स्थित रांची के RIMS में भर्ती किया गया है। पर झारखंड में रघुवर दास के नेतृत्व वाली BJP सरकार गिरने के बाद रिम्स के वॉर्ड्स की तस्वीर भी बदल गई है। लालू की ओर से जेल मैनुअल का उल्लंघन किया गया है। और, उनकी तरफ से अस्पताल में ही जनता दरबार लगवा दिया गया था। कहा जा रहा है कि वह जेल से पार्टी के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।

 

इसी बीच, ब‍िहार के पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह भी लालू से मिले। सोशल मीडिया पर उन दोनों की उसी मुलाकात के फोटोज़ वायरल हो रहे हैं, जिसे लेकर जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे हैं। जेल मैनुअल के मुताबिक, लालू से सिर्फ शनिवार को ही मुलाक़ात की जा सकती है। वह भी जेल अधीक्षक इजाजत दें तभी। पर, कहा जा रहा है क‍ि RJD सुप्रीमो और सिंह की मुलाकात से पहले कोई मंजूरी नहीं ली गई।

 

वायरल फोटोज़ में लालू कुर्सी पर बैठे थे, जबकि कुछ और लोग भी आसपास थे। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत से लालू ने जेल के भीतर दरबार लगवाया था। दादा की हत्या, पिता के चुनाव हारना, भाई की मौत तक जानिए हेमंत सोरेन के परिवार के किस्से

 

पिता शिबू सोरेन के ‘गुरुजी’ बनने की कहानी हो या फिर भाई की संदेहास्पद मौत की कहानी. हेमंत सोरेन के परिवार से जुड़े किस्से अनेक हैं.सोरेन परिवार से जुड़े सैंकड़ों किस्सों में से कुछ चुनिंदा किस्सों के बारे में हम आपको बताएंगे इस सियासी किस्से में.

 

JMM नेता और 29 द‍िसंबर को झारखंड के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हेमंत सोरेन भी लालू से म‍िलने गए थे। बताया जा रहा है क‍ि सात और लोग लालू से मिले थे। मीडिया ने जब इस बारे में पुलिस से सवाल किए तब जवाब आया, “होने वाले मुख्यमंत्री थे। बस वही मिलने आए हैं और कोई नहीं आया।” पुलिस के अनुसार, “उन्हें इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं है।” बता दें झारखंड विस चुनाव में JMM, Congress और RJD के महागठबंधन को बहुमत मिला है। हालिया जीत के सबसे बड़े नायक के रूप में हेमंत सोरेन उभरे हैं।

 

राजनीतिक जानकारों की मानें तो चुनाव होने तक महागठबंधन में उभरे मतभेद को दूर कर तीनों दलों को एक साथ जोड़े रखने का श्रेय लालू को ही दिया जा रहा है। गठबंधन के सूत्रों के मुताबिक, इस बार कमान अपने छोटे बेटे और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बजाय लालू ने खुद अपने पास रखी। झारखंड में RJD भले ही एक सीट जीत पाई हो, मगर पार्टी से ज्यादा लालू की भूमिका हर कोई स्वीकार कर रहा है।

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