'एनिमल' की 900 करोड़ वाली रश्मिका बनाम 'लाइगर' के बाद ठहरे विजय — इस रूमर्ड पावर कपल में असली सुपरस्टार कौन?
रश्मिका मंदाना ने 'पुष्पा' और 'एनिमल' जैसी 900+ करोड़ की फ़िल्मों से हिंदी बॉक्स-ऑफिस पर दबदबा बनाया है, जबकि विजय देवरकोंडा की 'लाइगर' (2022) की भारी असफलता के बाद उनका पैन-इंडिया ग्राफ़ नीचे है। इस रूमर्ड कपल में करियर का पलड़ा अभी रश्मिका की ओर भारी झुका है।
छह सवाल: कौन, क्या, कब, कहाँ, क्यों, कैसे
- कौन: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा — साउथ इंडियन फ़िल्म इंडस्ट्री के दो बड़े सितारे जिनकी डेटिंग रूमर्स सालों से चर्चा में हैं।
- क्या: दोनों के बॉक्स-ऑफिस ट्रैक रिकॉर्ड की तुलना — रश्मिका की हिंदी मार्केट में बढ़त बनाम विजय का 'लाइगर' के बाद का संघर्ष।
- कब: 2022 में 'लाइगर' की असफलता से लेकर 2025-26 तक दोनों की अपकमिंग प्रोजेक्ट्स तक का दौर।
- कहाँ: तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री — पैन-इंडिया बॉक्स-ऑफिस मार्केट।
- क्यों: 'एनिमल' (900+ करोड़) और 'पुष्पा' फ़्रेंचाइज़ी ने रश्मिका को नेशनल स्टार बनाया, जबकि 'लाइगर' के 125+ करोड़ के नुकसान ने विजय की पैन-इंडिया महत्वाकांक्षा को झटका दिया।
- कैसे: रश्मिका ने रणवीर सिंह, अल्लू अर्जुन जैसे टॉप स्टार्स के साथ मल्टीपल बिग-बजट हिंदी फ़िल्में साइन कीं, जबकि विजय ने 'लाइगर' के बाद तेलुगु पर फ़ोकस किया और हिंदी प्रोजेक्ट्स से सतर्क दूरी बनाई।
एक तरफ़ 900 करोड़ से ऊपर कमाने वाली 'एनिमल' की हीरोइन, दूसरी तरफ़ वो स्टार जिसकी 125 करोड़ बजट वाली 'लाइगर' ने बॉक्स-ऑफिस पर घुटने टेक दिए। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा — इंडस्ट्री इन्हें साउथ का सबसे चर्चित 'अनऑफ़िशियल कपल' मानती है, लेकिन जब करियर ग्राफ़ की बात आती है तो दोनों के बीच का फ़ासला किसी फ़िल्मी ट्विस्ट से कम नहीं।
और यही फ़ासला इस कहानी को दिलचस्प बनाता है — क्योंकि ये सिर्फ़ दो एक्टर्स की तुलना नहीं, बल्कि इस सवाल का जवाब है कि पैन-इंडिया सुपरस्टार बनने के लिए टैलेंट ज़रूरी है या टाइमिंग?
रश्मिका का हिंदी सफ़र: 'नेशनल क्रश' से नेशनल स्टार तक
रश्मिका मंदाना ने जो किया, वो कन्नड़-तेलुगु बैकग्राउंड से आने वाली बहुत कम एक्ट्रेसेज़ कर पाई हैं। 'पुष्पा: द राइज़' (2021) में श्रीवल्ली के किरदार ने उन्हें रातोंरात हिंदी बेल्ट में घर-घर पहचान दिला दी। फ़िल्म ने वर्ल्डवाइड 300 करोड़ से ऊपर कमाई की, और उसका आइकॉनिक 'श्रीवल्ली' गाना उत्तर भारत की हर शादी में बजने लगा।
लेकिन असली गेम-चेंजर आया 2023 में — संदीप रेड्डी वांगा की 'एनिमल'। रणवीर सिंह के साथ इस फ़िल्म ने वर्ल्डवाइड 900 करोड़ से ऊपर का कलेक्शन किया (बॉक्स-ऑफिस इंडिया और सैक्निल्क के अनुसार)। रश्मिका की भूमिका भले ही स्क्रीन टाइम में सीमित थी, लेकिन इसने एक बात साबित कर दी — हिंदी ऑडियंस ने उन्हें रणवीर के बराबर स्वीकार कर लिया। और यही किसी साउथ एक्ट्रेस के लिए सबसे बड़ी जीत है।
'गुडबाय' (2022, अमिताभ बच्चन के साथ) भले ही बॉक्स-ऑफिस पर नहीं चली, लेकिन रश्मिका के लिए वो फ़िल्म एक 'क्रेडेंशियल बिल्डर' थी — बॉलीवुड ने देखा कि ये लड़की सिर्फ़ साउथ मसाला फ़िल्मों की एक्ट्रेस नहीं, ड्रामा भी कर सकती है। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने कई बार ट्वीट्स में रश्मिका को 'पैन-इंडिया अपील' वाली रेयर एक्ट्रेस बताया है।
विजय देवरकोंडा: 'अर्जुन रेड्डी' का जादू और 'लाइगर' का ज़हर
विजय देवरकोंडा की कहानी बिलकुल उलटी है — और इसीलिए उतनी ही कहने लायक। 2017 में 'अर्जुन रेड्डी' ने तेलुगु सिनेमा में भूचाल ला दिया था। फ़िल्म ने न सिर्फ़ 50 करोड़ से ऊपर कमाई की (5 करोड़ की लागत पर), बल्कि इसकी हिंदी रीमेक 'कबीर सिंह' (2019) ने 379 करोड़ कमाकर शाहिद कपूर को रिवाइव कर दिया। विजय के पास वो रॉ, रिबेलियस इमेज थी जो हिंदी मार्केट को पसंद है।
फिर 2022 में आई 'लाइगर' — करण जौहर के प्रोडक्शन में, पुरी जगन्नाथ के डायरेक्शन में, माइक टायसन की कैमियो के साथ। बजट 125 करोड़ के क़रीब बताया गया, कमाई रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 60-70 करोड़ पर अटक गई। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, ये फ़िल्म करियर में सबसे बड़ा झटका साबित हुई। क्रिटिक्स ने स्क्रिप्ट और डायरेक्शन को निशाने पर लिया, लेकिन इंडस्ट्री में फुसफुसाहट यह रही कि विजय ने ग़लत प्रोजेक्ट चुना और हिंदी एंट्री की जल्दबाज़ी ने नुकसान किया।
इसके बाद विजय ने समझदारी दिखाई — तेलुगु में 'खुशी' (2023) की, जिसने मिक्स्ड रिव्यूज़ के बावजूद 100 करोड़ के क़रीब कमाई की। लेकिन हिंदी मार्केट? वहाँ विजय का नाम 'लाइगर' के बाद एक चेतावनी बन गया कि टैलेंट होने से पैन-इंडिया नहीं बनते — सही प्रोजेक्ट होने से बनते हैं।
इनसाइड टॉक
इंडस्ट्री हलकों में जो बात दबी ज़ुबान में होती है, वो ये है कि रश्मिका और विजय की रिलेशनशिप को लेकर दोनों कैंप बहुत 'कैलकुलेटेड साइलेंस' रखते हैं। फ़ैन पेजेज़ पर उनकी एयरपोर्ट पर साथ दिखने, गोवा और यूरोप में सीक्रेट वेकेशन की तस्वीरें वायरल होती रहती हैं। फ़ैन्स मानते हैं कि दोनों साल 2019 के आसपास 'डियर कॉमरेड' और 'गीता गोविंदम' के दौर से साथ हैं।
लेकिन ट्रेड हलकों में चर्चा ये भी है कि रश्मिका की PR टीम कभी इस रिश्ते को कन्फ़र्म नहीं होने देती — और इसकी वजह बिज़नेस है। एक ट्रेड इनसाइडर के मुताबिक़, "रश्मिका का 'सिंगल और एलिजिबल' इमेज उनकी ब्रांड वैल्यू का बड़ा हिस्सा है। जिस दिन रिलेशनशिप ऑफ़िशियल होगी, कुछ ब्रांड डील्स पर असर पड़ सकता है।" विजय की ओर से भी कभी कोई ऑफ़िशियल बयान नहीं आया है।
इंडस्ट्री की बात यह भी है कि 'लाइगर' की असफलता के बाद कुछ बॉलीवुड प्रोड्यूसर्स ने विजय से बातचीत शुरू की थी, लेकिन कोई बड़ा हिंदी प्रोजेक्ट अनाउंस नहीं हुआ। जबकि रश्मिका के पास 'पुष्पा 2' (2024) के अलावा कम से कम 2-3 और हिंदी प्रोजेक्ट्स लाइन में बताए जाते हैं। फ़ैन्स के बीच एक मज़ाक भी चलता है — "विजय रश्मिका के प्लस-वन बनकर बॉलीवुड पार्टीज़ में जाते हैं।" ये क्रूर है, लेकिन इससे करियर के पावर डायनामिक का अंदाज़ा लगता है।
(यह इंडस्ट्री चर्चा और अपुष्ट अटकलों पर आधारित है, पुष्ट तथ्य नहीं।)
नंबर जो कहानी बयान करते हैं
रश्मिका की टॉप-3 हिंदी फ़िल्मों ('पुष्पा', 'एनिमल', 'पुष्पा 2') का संयुक्त वर्ल्डवाइड कलेक्शन रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 2,500 करोड़ के पार है। इसमें से 'पुष्पा 2: द रूल' (2024) अकेले 1,800 करोड़ से ऊपर का आँकड़ा छूने की ख़बरें हैं (सैक्निल्क डेटा के अनुसार)। विजय की सबसे बड़ी हिंदी कमाई? 'लाइगर' की 60-70 करोड़ — जो 125 करोड़ के बजट के मुक़ाबले डिज़ास्टर कैटेगरी में आती है।
ब्रांड एंडोर्समेंट के मामले में भी फ़र्क़ साफ़ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रश्मिका 2025 तक 40+ नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स से जुड़ी हैं — कैडबरी से लेकर बॉश तक। विजय के पास भी मज़बूत साउथ ब्रांड पोर्टफ़ोलियो है, लेकिन नेशनल लेवल पर गैप दिखता है।
वो सवाल जो कोई ज़ोर से नहीं पूछता
इंडिया हेराल्ड का मानना है कि इस पूरी कहानी में सबसे दिलचस्प बात ये नहीं कि कौन बड़ा स्टार है — बल्कि ये है कि इस 'रूमर्ड कपल' में करियर पावर का संतुलन कैसे बदला और आगे क्या होगा। 2019 में जब दोनों साथ फ़िल्में कर रहे थे, विजय निर्विवाद रूप से बड़े स्टार थे। रश्मिका 'गीता गोविंदम' की स्वीट हीरोइन थीं, विजय 'अर्जुन रेड्डी' का तूफ़ान।
पाँच साल में गणित पूरा पलट गया। रश्मिका ने सही प्रोजेक्ट्स चुने — अल्लू अर्जुन और रणवीर सिंह जैसे ए-लिस्टर्स के साथ काम किया, हिंदी ऑडियंस की नब्ज़ समझी, और अपनी 'एक्सेसिबल, गर्ल-नेक्स्ट-डोर' इमेज को कैश किया। विजय ने बड़ा दाँव लगाया — और हारे। सिनेमा में ये सबसे पुरानी कहानी है: बड़ा रिस्क, बड़ा रिवॉर्ड या बड़ा नुकसान।
आगे देखें तो विजय के पास अभी भी वो एक चीज़ है जो पैसे से नहीं ख़रीदी जा सकती — एक कल्ट फ़ैनबेस जो 'अर्जुन रेड्डी' के बाद से उनके साथ है। अगर उन्हें एक सही हिंदी स्क्रिप्ट मिलती है — जैसा 'कबीर सिंह' ने शाहिद के लिए किया — तो कम्बैक की कहानी लिखी जा सकती है। लेकिन विश्लेषकों का अनुमान है कि ये विंडो बहुत छोटी है — 2026-27 में अगर कोई बड़ी हिट नहीं आई, तो विजय तेलुगु के 'रीजनल स्टार' कैटेगरी में सिमट सकते हैं।
रश्मिका के सामने चुनौती अलग है — ओवरएक्सपोज़र। जब आप हर दूसरे ब्रांड, हर दूसरी फ़िल्म में हों, तो ऑडियंस फ़टीग एक रियल रिस्क है। बॉलीवुड का इतिहास गवाह है — कैटरीना कैफ़ से लेकर श्रद्धा कपूर तक, 'नेशनल क्रश' टैग की शेल्फ़ लाइफ़ सीमित होती है।
असली सवाल
अगर ये दोनों सच में कपल हैं — जैसा कि फ़ैन्स, पापाराज़ी फ़ुटेज और इंडस्ट्री इनसाइडर्स बरसों से इशारा करते रहे हैं — तो ये शायद बॉलीवुड-साउथ की सबसे अजीब पावर डायनामिक है। एक वक़्त का बड़ा स्टार अब उस शख़्स की परछाईं में खड़ा है जो कभी उसकी फ़िल्म की हीरोइन हुआ करती थी। ये सिर्फ़ बॉक्स-ऑफिस की कहानी नहीं — ये इंडियन सिनेमा में बदलती पावर पॉलिटिक्स की कहानी है, जहाँ अब सही फ़िल्म, सही टाइमिंग और सही मार्केट रीडिंग — सरनेम, जेंडर और स्टार लिगेसी से ज़्यादा मायने रखती है।
विजय देवरकोंडा के पास टैलेंट है, कल्ट अपील है, और अगर अटकलें सच हैं तो रश्मिका का साथ भी है। लेकिन बॉक्स-ऑफिस रिलेशनशिप स्टेटस नहीं देखता — वो सिर्फ़ आख़िरी फ़्राइडे का नंबर देखता है। और वो नंबर, फ़िलहाल, बहुत साफ़ बोल रहा है।
आँकड़ों में
- रश्मिका की 'एनिमल' (2023) ने वर्ल्डवाइड 900 करोड़ से ऊपर कमाई की (बॉक्स-ऑफिस इंडिया, सैक्निल्क रिपोर्ट्स के अनुसार)।
- विजय की 'लाइगर' (2022) का बजट 125 करोड़ के क़रीब था, कमाई 60-70 करोड़ पर अटकी — ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार डिज़ास्टर कैटेगरी।
- रश्मिका 2025 तक 40+ नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड एंडोर्समेंट्स से जुड़ी हैं (मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार)।
- 'पुष्पा 2: द रूल' (2024) ने रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 1,800 करोड़ से ऊपर वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया।
मुख्य बातें
- रश्मिका की टॉप-3 हिंदी फ़िल्मों का वर्ल्डवाइड कलेक्शन रिपोर्ट्स के अनुसार 2,500 करोड़ से ऊपर है, जबकि विजय की हिंदी में सबसे बड़ी कमाई 60-70 करोड़ ('लाइगर') रही।
- ट्रेड हलकों में चर्चा है कि रश्मिका की PR टीम रिलेशनशिप कन्फ़र्म नहीं होने देती क्योंकि 'सिंगल इमेज' उनकी ब्रांड वैल्यू का हिस्सा है।
- विजय के पास कम्बैक का मौक़ा है, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार 2026-27 तक बड़ी हिंदी हिट न आई तो वो 'रीजनल स्टार' कैटेगरी में सिमट सकते हैं।
- रश्मिका के लिए असली ख़तरा ओवरएक्सपोज़र है — बॉलीवुड में 'नेशनल क्रश' टैग की शेल्फ़ लाइफ़ सीमित रही है।
- पैन-इंडिया स्टारडम में अब सरनेम या लिगेसी से ज़्यादा सही प्रोजेक्ट सिलेक्शन और मार्केट टाइमिंग तय करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा सच में डेटिंग कर रहे हैं?
दोनों ने कभी ऑफ़िशियली रिलेशनशिप कन्फ़र्म नहीं की है। लेकिन एयरपोर्ट स्पॉटिंग, वेकेशन फ़ोटोज़ और इंडस्ट्री इनसाइडर्स की चर्चा के आधार पर फ़ैन्स और मीडिया बरसों से दोनों को कपल मानते हैं।
विजय देवरकोंडा की 'लाइगर' क्यों फ़्लॉप हुई?
ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार कमज़ोर स्क्रिप्ट, डायरेक्शन में कमी और हिंदी ऑडियंस से कनेक्ट न बना पाना प्रमुख कारण रहे। 125 करोड़ के बजट के मुक़ाबले 60-70 करोड़ की कमाई ने इसे डिज़ास्टर कैटेगरी में डाल दिया।
रश्मिका मंदाना की अपकमिंग हिंदी फ़िल्में कौन सी हैं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक़ रश्मिका के पास 'पुष्पा' फ़्रेंचाइज़ी के अलावा कई हिंदी प्रोजेक्ट्स लाइन में हैं, हालाँकि कुछ की ऑफ़िशियल अनाउंसमेंट अभी बाक़ी है।
विजय देवरकोंडा का बॉलीवुड कम्बैक हो सकता है?
विश्लेषकों के अनुसार विजय के पास कल्ट फ़ैनबेस और रॉ टैलेंट है, लेकिन उन्हें 2026-27 तक एक बड़ी हिंदी हिट चाहिए। सही स्क्रिप्ट मिले तो शाहिद कपूर जैसा कम्बैक संभव है, अन्यथा रीजनल स्टार कैटेगरी में सिमटने का ख़तरा है।